(मनीष ग्रोवर रिपोर्ट)
रुड़की (उत्तराखंड) — सोशल मीडिया की दुनिया में पहचान बनाना आसान नहीं होता, लेकिन अगर जुनून, मेहनत और खुद को बदलने की हिम्मत हो, तो नाम खुद-ब-खुद बन जाता है। उत्तराखंड के रुड़की में रहने वाले अमजद नौ दो ग्यारह इसका जीता-जागता उदाहरण हैं। लंबे समय तक सोशल मीडिया पर चर्चाओं और कंट्रोवर्सी में रहने के बाद अमजद नौ दो ग्यारह ने खुद के कंटेंट में बड़ा और सकारात्मक बदलाव किया। उन्होंने विवादों से दूरी बनाते हुए अपने टैलेंट को पहचाना और सिंगिंग कंटेंट के जरिए एक नई शुरुआत की। यही बदलाव आज उनकी सबसे बड़ी ताकत बन गया है।
अमजद नौ दो ग्यारह की आवाज़ और उनके गीतों की सादगी लोगों के दिलों को छू रही है। रुड़की से निकलकर उनका सिंगिंग कंटेंट अब पूरे एनसीआर से लेकर हरियाणा तक अपनी अलग छाप छोड़ रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर उनके वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं और फैंस की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है।
खास बात यह है कि लोग अब अमजद नौ दो ग्यारह को सिर्फ एक सोशल मीडिया क्रिएटर नहीं, बल्कि एक उभरते हुए सिंगर के रूप में पहचानने लगे हैं। उनकी मेहनत और कंटेंट में आई पॉजिटिविटी ने यह साबित कर दिया है कि सही दिशा में किया गया बदलाव सफलता की नई राह खोल सकता है
आज अमजद नौ दो ग्यारह न सिर्फ अपने लिए, बल्कि रुड़की और उत्तराखंड के युवाओं के लिए भी प्रेरणा बन चुके हैं। उनकी कहानी यह संदेश देती है कि अगर इंसान अपने हुनर पर भरोसा करे और लगातार मेहनत करे, तो कोई भी पहचान बनाना मुश्किल नहीं।
सोशल मीडिया पर मिल रही जबरदस्त सराहना यह साफ दिखाती है कि अमजद नौ दो ग्यारह का सिंगिंग सफर अभी लंबा है और आने वाले समय में वह और भी बड़े मुकाम हासिल कर सकते हैं।









