बंजारेवाला क्षेत्र में संचालित स्टोन क्रशरों पर पट्टों की आड़ में बड़े पैमाने पर अवैध खनन किए जाने का मामला सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, पट्टाधारकों द्वारा नियमों को ताक पर रखकर खनन कार्य किया जा रहा है।एक क्रशर स्वामी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि एक पट्टाधारक द्वारा संचालित हरिद्वार स्थित स्टोन क्रशर के पीछे कई क्विंटल खनन सामग्री का भंडारण किया गया है। हालांकि, यह सामग्री रॉयल्टी के साथ रखी गई है या बिना रॉयल्टी के—इस संबंध में संबंधित पक्ष द्वारा कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया।

वहीं, एक अन्य क्रशर ‘हिंदुस्तान क्रशर’ पर दिन-रात मशीनों से खुदाई किए जाने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि इस मामले की जानकारी खनन विभाग को भी है, इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।मौके पर पहुंची टीम ने जब एक-दो अन्य क्रशर मालिकों से बातचीत करने की कोशिश की, तो उन्होंने बात करने से साफ इनकार कर दिया। हालांकि, एक क्रशर मालिक ने यह जरूर बताया कि फिलहाल उनका काम बंद है। उनका कहना था कि आरबीएम (RBM) एवं ट्रैक्टर संचालकों के दरों में कटौती कराने के उद्देश्य से कुछ दिनों के लिए कार्य रोका गया है।

ग्राउंड रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि अधिकांश क्रशरों पर कच्चे माल और पिसे हुए माल की तुलना में रॉयल्टी से संबंधित स्टॉक बेहद कम पाया गया। इससे अवैध खनन और बिना रॉयल्टी सामग्री के उपयोग की आशंका और गहरी हो गई है।ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि खनन विभाग की टीम अवेम हरिद्वार प्रशासन इन पट्टाधारकों और क्रशर स्वामियों के खिलाफ कब और किस प्रकार की कार्रवाई करती है, या फिर यह मामला भी फाइलों में ही दबकर रह जाएगा









