आज ईदगाह चौक पर मंगू भाई द्वारा हलवा, पूरी और सब्जी के भंडारे का भव्य आयोजन किया गया। भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। यह आयोजन माता की सनातन परंपरा से जुड़े पावन पर्व शाकंभरी पूर्णिमा के अवसर पर किया गया, जिसने धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक सेवा का संदेश भी दिया।

सनातन परंपरा के अनुसार पौष मास की पूर्णिमा तिथि को शाकंभरी पूर्णिमा एवं मां शाकंभरी जयंती के रूप में मनाया जाता है। पौष मास की अष्टमी तिथि से प्रारंभ होने वाली शाकंभरी नवरात्रि का आज अंतिम दिन है, जिसे शक्ति की साधना के लिए अत्यंत शुभ और फलदायी माना गया है। मान्यता है कि इसी दिन पृथ्वी को अकाल और भीषण खाद्य संकट से मुक्त करने के लिए मां शाकंभरी का प्राकट्य हुआ था।
हिंदू धर्म में मां शाकंभरी को उनके नाम के अनुरूप सब्जियों, फलों और हरियाली की देवी के रूप में पूजा जाता है। कहा जाता है कि मां शाकंभरी ने संसार के जीवों को अन्न, फल और वनस्पतियों का वरदान देकर जीवन की रक्षा की थी। इसी कारण इस दिन अन्नदान और भंडारे का विशेष महत्व बताया गया है।

शक्ति की साधना से जुड़ा यह महापर्व 03 जनवरी 2026, शनिवार को मनाया जाएगा। पंचांग के अनुसार पौष मास की पूर्णिमा तिथि 02 जनवरी की शाम 06:53 बजे से प्रारंभ होकर 03 जनवरी 2026 को दोपहर 03:32 बजे तक रहेगी।

ईदगाह चौक पर आयोजित इस भंडारे ने श्रद्धा, सेवा और सामाजिक समरसता की सुंदर मिसाल पेश की। स्थानीय लोगों ने मंगू भाई के इस पुण्य कार्य की सराहना करते हुए माता शाकंभरी से सुख-समृद्धि और हरियाली की कामना की। इस भंडारे के आयोजन में पार्षद सूरज नेगी व शगुन शर्मा शामिल रहे









