उधमसिंहनगर जनपद में पुलिस महकमे की लापरवाही पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा ने सख़्त और ऐतिहासिक कार्रवाई करते हुए साफ संदेश दिया है कि कर्तव्य में कोताही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कोतवाली आईटीआई क्षेत्र से जुड़े मृतक सुखवन्त सिंह पुत्र तेजा सिंह, निवासी ग्राम पैगा के प्रकरण में गंभीर लापरवाही और उदासीनता सामने आने के बाद SSP ने त्वरित व कठोर कदम उठाए हैं।
मामले की गहन समीक्षा के बाद SSP मणिकांत मिश्रा ने थानाध्यक्ष कोतवाली आईटीआई उपनिरीक्षक ना०पु० कुन्दन सिंह रौतेला एवं उपनिरीक्षक ना०पु० प्रकाश बिष्ट को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। दोनों अधिकारियों के विरुद्ध प्रकरण में बरती गई लापरवाही को लेकर अनुशासनिक कार्रवाई प्रस्तावित/प्रचलित की गई है।
इतना ही नहीं, चौकी पैगा, कोतवाली आईटीआई पर तैनात पूरी चौकी को जिम्मेदार मानते हुए 10 पुलिस कर्मियों को एक साथ लाइन हाज़िर कर दिया गया है। यह कार्रवाई जनपद में पुलिस अनुशासन और जवाबदेही को लेकर अब तक की सबसे कड़ी कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है।
लाइन हाज़िर किए गए अधिकारी व कर्मचारी:
उपनिरीक्षक / चौकी प्रभारी जितेन्द्र कुमार
अ0उ0नि0 सोमवीर सिंह
आरक्षी 327 ना0पु0 भूपेन्द्र सिंह
आरक्षी 690 ना0पु0 दिनेश तिवारी
मु0आरक्षी 154 ना0पु0 शेखर बनकोटी
आरक्षी 501 ना0पु0 सुरेश चन्द्र
आरक्षी 392 ना0पु0 योगेश चौधरी
आरक्षी 60 ना0पु0 राजेन्द्र गिरी
आरक्षी 298 ना0पु0 दीपक प्रसाद
आरक्षी 159 ना0पु0 संजय कुमार
सूत्रों के अनुसार, मृतक से जुड़े मामले में समय पर प्रभावी कार्रवाई न होना, आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं में ढिलाई और संवेदनशीलता की कमी सामने आई थी। इसी को गंभीरता से लेते हुए SSP ने यह सख़्त निर्णय लिया। पुलिस विभाग में इस कार्रवाई के बाद खलबली मच गई है और अधीनस्थ अधिकारियों में स्पष्ट संदेश गया है कि काम में लापरवाही सीधे निलंबन और विभागीय कार्रवाई तक ले जा सकती है।
SSP मणिकांत मिश्रा की इस सख़्ती को आमजन में भी सकारात्मक रूप से देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से पुलिस व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी और पीड़ितों को समय पर न्याय मिलने की उम्मीद मजबूत होगी।









