रुड़की के भगवानपुर क्षेत्र के मण्डावर चेक पोस्ट के पास एक विशाल कमर्शियल बिल्डिंग का निर्माण धड़ल्ले से जारी है। लेकिन दावों और हकीकत के बीच ज़मीन-आसमान का अंतर दिखाई दे रहा है।गौर से देखिए इस फ्लेक्स बोर्ड को। इस पर बड़े-बड़े अक्षरों में ‘HRDA से स्वीकृत’ लिखा है। सूत्रों की मानें तो इस बिल्डिंग का केवल एक छोटा सा हिस्सा पास कराया गया है, लेकिन इसकी आड़ में पूरी की पूरी अवैध इमारत खड़ी की जा रही है।
बड़ा सवाल यह है कि आखिर मानकों को ताक पर रखकर बन रही इस बिल्डिंग को किसका संरक्षण प्राप्त है? बिल्डिंग बायलॉज (Building Bylaws) की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। न तो पर्याप्त सेट-बैक छोड़ा गया है और न ही सुरक्षा मानकों का ध्यान रखा गया है।
जनता पूछ रही है कि क्या सिर्फ एक छोटा सा नक्शा पास करा लेने भर से किसी को भी अवैध निर्माण करने का लाइसेंस मिल जाता है? आखिर वो कौन अधिकारी हैं जिन्होंने इस तरह के अवैध निर्माण पर ‘HRDA स्वीकृत’ का बोर्ड टांगने की मूक सहमति दी है?
क्या HRDA के आला अधिकारी इस मामले का संज्ञान लेंगे? या फिर इसी तरह रसूख और सांठगांठ के दम पर मण्डावर चेक पोस्ट के पास ये अवैध साम्राज्य खड़ा होता रहेगा? यह प्रशासन की कार्यप्रणाली पर एक गहरा प्रश्नचिन्ह है।









